हम्पी की यात्रा
यात्री जो सवाल पूछते हैं
क्या पहनें, गर्मी, सुरक्षा, घूमने-फिरने और टिकट पर छोटे जवाब। मौसम और नदी के साथ हालात बदलते हैं, इसलिए शक हो तो स्थानीय लोगों से पूछिए।
इससे मिलता कोई सवाल नहीं है। कोई दूसरा शब्द आज़माइए, या बॉक्स खाली कीजिए।
यात्रा की योजना
साल में हम्पी आने का सबसे अच्छा समय कब है?
अक्टूबर से फ़रवरी तक सबसे आरामदायक समय है। दिन गर्म और सुबह-शाम ठंडी रहती हैं। दिसंबर और जनवरी सबसे ठंडे महीने हैं, और सबसे ज़्यादा भीड़ भी इन्हीं में होती है।
मार्च से मई साल का सबसे गर्म समय है, दोपहर में तापमान 40°C के आसपास पहुँच जाता है। जून से सितंबर मानसून है: चट्टानें हरी हो जाती हैं, नदी भर जाती है, और बारिश के बाद चट्टानें और रास्ते फिसलन भरे होते हैं।
घूमने के लिए दिन का कौन सा समय सबसे अच्छा है?
सुबह जल्दी और देर दोपहर। सूर्योदय के कुछ देर बाद निकलिए, लगभग दोपहर 12 से 3 बजे तक किसी छाँव में आराम कीजिए, और धूप ढलने पर फिर निकलिए।
हम्पी में कितने दिन बिताने चाहिए?
अगर आप जगहों के बीच कार या ऑटो से जाएँ, तो विरुपाक्ष और विट्ठल मंदिर जैसी सबसे जानी-मानी जगहें एक पूरे दिन में देखी जा सकती हैं। दो या तीन दिन हों तो राजकेंद्र, किसी पहाड़ी से सूर्योदय और शांत मंदिर भी आराम से देख सकते हैं।
अपने दिनों की योजना पेज एक, दो या तीन दिनों की समय के साथ योजना बना देता है। तैयार रास्तों से भी शुरुआत की जा सकती है।
हम्पी कैसे पहुँचें?
ज़्यादातर यात्री सबसे पास के शहर होसपेट (होसापेटे) होकर आते हैं, और वहाँ से सड़क से हम्पी जाते हैं। हम्पी पहुँचने के तरीके यहाँ कैसे पहुँचें पेज पर बताए गए हैं।
मंदिर, पहनावा और टिकट
क्या पहनें?
शालीन कपड़े पहनिए, ख़ासकर उन मंदिरों में जहाँ आज भी पूजा होती है। कंधे और घुटने ढकने वाले कपड़े ठीक रहते हैं, और गर्मी में हल्के, ढीले सूती कपड़े सबसे आरामदायक होते हैं।
जनवरी 2024 में विरुपाक्ष मंदिर में एक ड्रेस कोड लागू हुआ, जिसके तहत जींस या शॉर्ट्स पहनकर अंदर जाने की अनुमति नहीं है। ज़रूरत पड़ने पर मंदिर ने यात्रियों को मुफ़्त में धोती दी है। ऐसे नियम बदल सकते हैं, इसलिए गेट पर पूछ लीजिए।
क्या जूते उतारने होंगे?
हाँ, उन मंदिरों में जहाँ पूजा होती है। अंदर जाने से पहले जूते बाहर छोड़िए, अगर प्रवेश के पास जूता स्टैंड हो तो वहाँ। आसानी से उतरने-पहनने वाले जूतों से समय बचता है।
मंदिरों के बीच अच्छी पकड़ वाले बंद जूते पहनिए। ग्रेनाइट ऊबड़-खाबड़ है और कई जगह घिसकर चिकना हो गया है।
क्या विरुपाक्ष मंदिर एक खंडहर है?
नहीं। यह एक जीवित मंदिर है, जहाँ लोग रोज़ पूजा करने आते हैं और त्योहार आज भी मनाए जाते हैं। शांति से चलिए, मूर्तियों या चढ़ावे को मत छुइए, और पुजारी और कर्मचारी जो कहें वैसा कीजिए।
क्या मैं तस्वीरें ले सकता हूँ?
खुले खंडहरों में, हाँ। जिन मंदिरों में पूजा होती है वहाँ कैमरे के अपने नियम हो सकते हैं, और ये सालों में बदलते रहे हैं। गेट पर लगे बोर्ड पढ़िए और अंदर तस्वीर लेने से पहले पूछिए।
किसी व्यक्ति की तस्वीर लेने से पहले हमेशा उनसे पूछिए।
क्या टिकट चाहिए?
हम्पी की ज़्यादातर जगहों पर प्रवेश मुफ़्त है। तीन घेरे हुए क्षेत्रों की दस जगहें, यानी विट्ठल मंदिर परिसर, ज़नाना परिसर और हाथी अस्तबल क्षेत्र, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के एक ही टिकट पर हैं। आप जो तारीख़ चुनते हैं, उस दिन यह दसों जगहों के लिए मान्य है।
ऑनलाइन बुक करने पर भारत, SAARC और BIMSTEC देशों के नागरिकों के लिए ₹35 और दूसरे विदेशी यात्रियों के लिए ₹550 है। गेट पर थोड़ा ज़्यादा लगता है, और 15 साल से कम उम्र के बच्चों का प्रवेश मुफ़्त है।
गर्मी, पानी और सुरक्षा
गर्मी से कैसे निपटें?
पानी, टोपी और सनस्क्रीन साथ रखिए, और हल्के कपड़े पहनिए। राजकेंद्र में और नदी वाले रास्ते पर छाँव कम है, इसलिए लंबी पैदल सैर सुबह और देर दोपहर के लिए रखिए।
प्यास लगने से पहले पानी पीजिए। चक्कर आए या तबीयत ठीक न लगे, तो छाँव में जाइए, थोड़ा-थोड़ा पानी पीजिए और किसी से मदद माँगिए।
पीने का पानी कहाँ मिलेगा?
कम से कम एक भरी बोतल साथ रखिए और जब मौका मिले, भर लीजिए। पहाड़ियों पर कुछ भी ख़रीदने को नहीं मिलता, और दूर के खंडहरों के बीच भी बहुत कम।
MyHampi ऐप में ज़रूरी चीज़ें आपके पास के पीने के पानी और शौचालय दिखाता है। मंदिरों के पास बोतल और खाना नज़र से दूर रखिए: बंदर हाथ से बोतल छीन लेते हैं।
क्या अँधेरा होने के बाद घूमना सुरक्षित है?
सूर्यास्त तक शहर या अपने ठहरने की जगह पर लौटने की योजना बनाइए। कई खंडहरों में न रोशनी है न पहरा, और चट्टानों के बीच के रास्ते अँधेरे में आसानी से भटक जाते हैं।
अगर सूर्योदय या सूर्यास्त के लिए किसी पहाड़ी पर जा रहे हैं, तो दूसरों के साथ जाइए, टॉर्च रखिए और किसी को बताइए कि आप कहाँ जा रहे हैं।
क्या चट्टानों पर चढ़ना सुरक्षित है?
सावधानी रखिए। ग्रेनाइट ऊबड़-खाबड़ है और कई जगह चिकना है, और बारिश के बाद चट्टानें फिसलन भरी हो जाती हैं। अच्छी पकड़ वाले जूते पहनिए, उन्हीं रास्तों और सीढ़ियों पर चलिए जिन्हें लोग इस्तेमाल करते हैं, और अकेले या अँधेरे में मत चढ़िए।
क्या नदी में तैर सकते हैं?
नहीं। तुंगभद्रा शांत दिखती है, पर सतह के नीचे धाराएँ तेज़ हैं और चट्टानें फिसलन भरी हैं। मत तैरिए, और घुटनों से ज़्यादा गहरे पानी में मत उतरिए।
तुंगभद्रा कैसे पार करें?
कोरेकल, यानी गोल टोकरी जैसी नावें, सदियों से हम्पी में लोगों को नदी पार कराती आई हैं, और दूसरे किनारे तक सड़क से भी जाया जा सकता है। कोरेकल चलेंगे या नहीं, यह नदी पर निर्भर है: जब पानी ज़्यादा हो, भारी बारिश के बाद, या जब ऊपर के बाँध से पानी छोड़ा जाए, तब सुरक्षा के लिए पार कराना बंद हो सकता है।
नियम नदी के जलस्तर के साथ बदलते हैं, इसलिए नदी पार करने के भरोसे योजना बनाने से पहले उसी दिन स्थानीय लोगों से पूछिए। अँधेरा होने के बाद कोरेकल नहीं चलते और सड़क से घूमकर आना लंबा है, इसलिए शाम को दूसरे किनारे पर मत फँसिए।
आपातकाल में क्या करें?
पुलिस, फ़ायर या एम्बुलेंस के लिए 112 पर कॉल कीजिए। यह भारत में किसी भी फ़ोन से लगता है। MyHampi ऐप में सुरक्षा पहले 112 पर कॉल करता है, और बिना इंटरनेट के SMS से आपकी लोकेशन भेज सकता है।
घूमना-फिरना
घूमने का सबसे अच्छा तरीका क्या है?
कार या ऑटो रिक्शा से। स्मारक कई किलोमीटर में फैले हैं, इसलिए ज़्यादातर यात्री पूरे दिन के लिए या हर हिस्से के लिए ऑटो या टैक्सी लेते हैं।
स्मारकों के अंदर तो पैदल ही चलना होता है, और उन हिस्सों में भी जहाँ सड़क नहीं पहुँचती, जैसे पहाड़ी की सीढ़ियाँ और विट्ठल मंदिर तक नदी वाला रास्ता।
ऑटो या टैक्सी कैसे मिलेगी?
MyHampi ऐप में राइड्स आपका अनुरोध ड्यूटी पर मौजूद सबसे पास के सत्यापित ड्राइवरों को भेजता है। जब कोई स्वीकार करता है, तो आप दोनों को एक-दूसरे का फ़ोन नंबर मिल जाता है, और आप अपने परिवार को एक लिंक भेज सकते हैं जिसमें रास्ता, ड्राइवर का पहला नाम और नंबर प्लेट दिखती है।
निकलने से पहले ड्राइवर से आमने-सामने कीमत तय कर लीजिए, और पैसे सीधे उन्हें दीजिए। MyHampi कोई पैसा नहीं लेता और न रखता है।
पैसे और फ़ोन सिग्नल
क्या ATM हैं? क्या नकद रखना चाहिए?
पर्याप्त नकद साथ लाइए। स्मारकों के पास ATM कम हैं, और सबसे पास वाले में पैसे ख़त्म हो सकते हैं। होसपेट में ज़्यादा हैं। छोटी दुकानों और ठेलों पर नकद देना अक्सर सबसे आसान होता है।
MyHampi ऐप में ज़रूरी चीज़ें आपके सबसे पास के ATM दिखाता है।
क्या मेरे फ़ोन में सिग्नल रहेगा?
खंडहरों और चट्टानों के बीच सिग्नल आता-जाता रहता है, इसलिए उस पर भरोसा मत कीजिए। जब कनेक्शन हो, तभी MyHampi ऐप में एक बार हम्पी डाउनलोड कर लीजिए, फिर स्मारक, उनका समय, शुल्क और नक्शे के निशान बिना सिग्नल के भी आपके फ़ोन में रहते हैं।
MyHampi ऐप
MyHampi ऐप क्या करता है?
यह आपके फ़ोन में हम्पी का गाइड है। एक्सप्लोर में हर स्मारक का इतिहास, समय, प्रवेश शुल्क और नक्शे पर जगह है, और प्लान आपके समय के हिसाब से आपके दिनों की योजना बनाता है।
राइड्स, गाइड्स और स्टेज़ से आप स्थानीय ड्राइवरों, लाइसेंस वाले गाइडों और होमस्टे से पूछ सकते हैं, और शॉपिंग स्थानीय दुकानें और उनका सामान दिखाता है। ज़रूरी चीज़ें पास के शौचालय, पानी और ATM ढूँढता है, और सुरक्षा 112 और आपकी लोकेशन एक टैप की दूरी पर रखता है।
गाइड, ड्राइवर और मालिक तभी सत्यापित दिखाए जाते हैं जब MyHampi का कोई व्यक्ति उनके काग़ज़ जाँच लेता है। जब तक वे हाँ न कहें, कुछ भी बुक नहीं होता।
क्या ऐप मुफ़्त है? क्या MyHampi कोई पैसा लेता है?
ऐप मुफ़्त है, एंड्रॉयड फ़ोन के लिए। MyHampi कोई पैसा नहीं लेता और न रखता है: आप गाइड, ड्राइवर या मालिक से कीमत तय करके सीधे उन्हें पैसे देते हैं।
MyHampi किन भाषाओं में है?
ऐप और यह वेबसाइट अंग्रेज़ी, कन्नड़ और हिंदी में हैं।
आपके सवाल का जवाब यहाँ नहीं है? जहाँ ठहरे हैं वहाँ या किसी स्थानीय गाइड से पूछिए। उस दिन के हालात वे सबसे अच्छी तरह जानते हैं।