सानापुर का तैराकी स्थल
सानापुर के जलद्वार के नीचे जहाँ नहर चट्टानों के बीच गिरती है — मानसून में कुंड, मार्च तक सूखी चट्टान।
खुला
सुबह 6:00 – शाम 6:00
प्रवेश
प्रवेश मुफ़्त
जाने का सबसे अच्छा समय
सुबह
यहाँ बिताने का समय
लगभग 1 घंटे
भीड़
आम तौर पर शांत
सानापुर झील की सड़क से पैदल, पत्थरों पर लगभग पंद्रह मिनट। आख़िरी हिस्से के लिए नक्शे के बजाय सानापुर गाँव में पूछ लें।
इस जगह के बारे में
सानापुर के जलद्वार के नीचे नहर का पानी ग्रेनाइट की दो शिलाओं के बीच गिरकर एक कुंड बनाता है। यह झरना नहीं, मौसम की बात है: जुलाई से अक्टूबर तक भरा और शोर भरा, दिसंबर तक बूँद भर, और मार्च तक सूखी चट्टान। रास्ता पत्थरों पर है — न पगडंडी, न रेलिंग।
जानने लायक
कैसे पहुँचें: यहाँ पार्किंग नहीं है। सानापुर झील की सड़क पर जहाँ जगह हो वहाँ रोककर पत्थरों पर पैदल जाएँ — न पगडंडी है न रेलिंग। आख़िरी हिस्से के लिए पिन का पीछा करने के बजाय सानापुर गाँव में रास्ता पूछ लें।
- जुलाई से नवंबर के बीच ही पैदल जाना बनता है। मार्च तक पानी बिल्कुल नहीं रहता।
- बारिश रुकने के कई घंटे बाद तक पानी के पास की चट्टान फिसलन भरी रहती है। न रेलिंग है, न पगडंडी।
- इस जगह पर कोई निगरानी नहीं। अकेले न तैरें, और छलाँग न लगाएँ — गहराई मौसम के साथ बदलती है।
- न दुकान, न शौचालय, न छाया। पानी साथ लाएँ और कचरा वापस ले जाएँ।